कविता चीज़ क्या है ,
आज तक समझ पाई नहीं मैं,
मगर जब इसका आभास हुआ,
कि कविता व्यक्ति की वो भावनाएँ हैं,
जो उसके मन को हमेशा उद्वेलित करती रहती हैं!
तो सच मानो उन अनुभूतियों के तले,
में भी दबती ही चली गई ,
तब मैंने अपने मन की गहराइयों में हो रहे,
तो द्वन्द युद्ध का शांतिपूर्वक विचरण किया ,
मुझे एक अभूतपूर्व आभास हुआ,
और मेरे मन ने कहा की लिख दूँ ,
कहीं इन सभी भावनाओं को !
तो बस क्या था मन की गहराइयों ने,
दिमाग का साथ दिया और हाथो ने,
कागज़ पर कुछ लिखने के लिए,
कलम का साथ दिया !
उसी क्षण मेरी सभी भावनाओं ने ,
उस कागज़ पर लिखित रूप ले लिया,
और देखते ही देखते एक सुंदर,
कविता ने अपना रूप ले लिया!
उसी दिन से मेरी ये दुविधा,
समाप्त हो गई की- कविता चीज़ क्या है-2